UGC NET December 2026 | History Paper-II | Mock Test–34 | PYQs MCQs
UGC NET December 2026
History Paper-II | इकाई 4 — मध्यकालीन भारत: राजनीतिक इतिहास
मॉक टेस्ट 34 (Mock Test 34)
कुल प्रश्न: 20 | कुल अंक: 40 | प्रत्येक प्रश्न: 2 अंक
सामान्य निर्देश
इस प्रश्नपत्र में कुल 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल हैं।
प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्प (A), (B), (C) और (D) दिए गए हैं। केवल एक विकल्प सही है।
प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक निर्धारित हैं। अभ्यास के लिए नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया है।
पहले सभी प्रश्नों को हल करें और अंत में दी गई उत्तरमाला से अपने उत्तरों का मिलान करें।
प्रश्नों में तथ्यात्मक, अवधारणात्मक, अभिकथन-कारण, कथन-आधारित, सुमेलित युग्म, कालक्रम, केस स्टडी तथा अनुप्रयोग-आधारित प्रारूप शामिल हैं।
प्रश्नों का स्तर UGC NET History Paper-II की प्रचलित शैली, महत्त्वपूर्ण PYQ विषयों और दिसंबर 2026 की तैयारी के लिए संभावित अवधारणाओं को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है।
नोट: यह अभ्यास हेतु तैयार किया गया मॉक टेस्ट है, आधिकारिक NTA प्रश्नपत्र नहीं। इसमें शामिल संभावित प्रश्नों को वास्तविक परीक्षा में आने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
प्रश्न 1. (तथ्यात्मक एवं अवधारणात्मक प्रश्न)
दिल्ली सल्तनत के इतिहास में चहलगानी (तुर्कान-ए-चहलगानी) का संबंध किससे था?
(A) अलाउद्दीन खिलजी द्वारा स्थापित बाजार नियंत्रकों के संगठन से
(B) इल्तुतमिश द्वारा संगठित प्रभावशाली तुर्क अमीरों के समूह से
(C) अकबर के नौ प्रमुख दरबारियों से
(D) विजयनगर के अमरनायकों के संगठन से
प्रश्न 2. (कथन-आधारित प्रश्न)
बलबन की शासन-नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उसने सुल्तान की प्रतिष्ठा और सर्वोच्चता पर बल दिया।
उसने दरबार में कठोर अनुशासन बनाए रखने का प्रयास किया।
उसने शक्तिशाली अमीरों के प्रभाव को नियंत्रित करने की नीति अपनाई।
उसने 1526 ई. में मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 3. (अभिकथन-कारण प्रश्न)
अभिकथन (A): अलाउद्दीन खिलजी ने अपने शासनकाल में सैन्य और आर्थिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने का प्रयास किया।
कारण (R): उसकी बाजार नियंत्रण नीति का एक उद्देश्य सेना के रखरखाव की लागत को नियंत्रित करना था।
(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।
प्रश्न 4. (सुमेलित युग्म)
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।
सूची-I — शासक
a. इल्तुतमिश
b. बलबन
c. अलाउद्दीन खिलजी
d. मुहम्मद बिन तुगलक
सूची-II — संबंधित विशेषता
सांकेतिक मुद्रा का प्रयोग
बाजार नियंत्रण
चहलगानी के संगठन से संबंध
राजसत्ता की प्रतिष्ठा और कठोर अनुशासन
सही कूट चुनिए:
(A) a-3, b-4, c-2, d-1
(B) a-4, b-1, c-3, d-2
(C) a-2, b-3, c-1, d-4
(D) a-1, b-2, c-4, d-3
प्रश्न 5. (कालक्रम-आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित घटनाओं को प्राचीनतम से नवीनतम क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
तराइन का द्वितीय युद्ध
दिल्ली सल्तनत की स्थापना
खिलजी वंश की स्थापना
तुगलक वंश की स्थापना
सही विकल्प चुनिए:
(A) 1, 2, 3, 4
(B) 2, 1, 4, 3
(C) 1, 3, 2, 4
(D) 2, 3, 1, 4
प्रश्न 6. (अवधारणात्मक प्रश्न)
मुहम्मद बिन तुगलक की सांकेतिक मुद्रा योजना की विफलता से कौन-सा प्रमुख प्रशासनिक सबक प्राप्त होता है?
(A) मुद्रा का मूल्य केवल धातु की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
(B) मुद्रा-सुधार के लिए प्रभावी निगरानी, विश्वसनीयता और जालसाजी पर नियंत्रण आवश्यक है।
(C) सांकेतिक मुद्रा का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में सफल नहीं हो सकता।
(D) मुद्रा-व्यवस्था का राज्य के प्रशासन से कोई संबंध नहीं होता।
प्रश्न 7. (विजयनगर — कथन-आधारित प्रश्न)
विजयनगर साम्राज्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
इसकी स्थापना परंपरागत रूप से 1336 ई. में हरिहर और बुक्का से संबंधित मानी जाती है।
कृष्णदेव राय तुलुव वंश के प्रमुख शासक थे।
अमरनायक व्यवस्था में सैन्य दायित्वों और राजस्व अधिकारों का महत्त्व था।
तालीकोटा का युद्ध 1526 ई. में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच हुआ था।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 8. (अभिकथन-कारण प्रश्न)
अभिकथन (A): विजयनगर साम्राज्य की राजनीतिक शक्ति का आधार केवल उसकी राजधानी तक सीमित नहीं था।
कारण (R): साम्राज्य की स्थिरता में क्षेत्रीय प्रशासन, सैन्य संगठन, कृषि संसाधन और स्थानीय शक्तियों के साथ संबंधों की भी भूमिका थी।
(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।
प्रश्न 9. (सुमेलित युग्म — मुगल इतिहास)
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।
सूची-I — ऐतिहासिक व्यक्तित्व
a. बाबर
b. अकबर
c. अबुल फजल
d. गुलबदन बेगम
सूची-II — संबंधित ग्रंथ
हुमायूँनामा
अकबरनामा
बाबरनामा
आइन-ए-अकबरी
सही कूट चुनिए:
(A) a-3, b-4, c-2, d-1
(B) a-2, b-3, c-1, d-4
(C) a-1, b-2, c-4, d-3
(D) a-4, b-1, c-3, d-2
प्रश्न 10. (मुगल प्रशासन — अवधारणात्मक प्रश्न)
अकबर की मनसबदारी व्यवस्था का प्रमुख प्रशासनिक उद्देश्य क्या था?
(A) सभी प्रांतीय अधिकारियों को स्वतंत्र शासक बनाना
(B) अधिकारियों की पद-स्थिति, वेतन और सैन्य दायित्वों को व्यवस्थित करना
(C) कृषि उत्पादन पर प्रतिबंध लगाना
(D) सेना को पूरी तरह समाप्त करना
प्रश्न 11. (कथन-आधारित प्रश्न — मुगल उत्तराधिकार)
मुगल साम्राज्य में उत्तराधिकार की समस्या के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
मुगलों में उत्तराधिकार के लिए कोई एक स्थायी, सर्वमान्य ज्येष्ठाधिकार नियम प्रभावी रूप से स्थापित नहीं था।
शासक की मृत्यु के बाद राजकुमारों के बीच संघर्ष हो सकता था।
उत्तराधिकार युद्ध साम्राज्य के संसाधनों और राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते थे।
प्रत्येक मुगल सम्राट के बाद बिना किसी संघर्ष के उसका ज्येष्ठ पुत्र ही सम्राट बना।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 12. (कालक्रम-आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित घटनाओं को सही कालक्रम में व्यवस्थित कीजिए:
पानीपत का प्रथम युद्ध
खानवा का युद्ध
चौसा का युद्ध
पानीपत का द्वितीय युद्ध
सही विकल्प चुनिए:
(A) 1, 2, 3, 4
(B) 2, 1, 4, 3
(C) 1, 3, 2, 4
(D) 3, 2, 1, 4
प्रश्न 13. (शेरशाह सूरी — अवधारणात्मक प्रश्न)
शेरशाह सूरी की भूमि-राजस्व नीति में पट्टा और कबूलियत का क्या महत्त्व था?
(A) ये केवल सैन्य पदों के निर्धारण के लिए प्रयुक्त होते थे।
(B) पट्टा भूमि एवं निर्धारित राजस्व संबंधी विवरण देता था, जबकि कबूलियत कृषक की स्वीकृति से संबंधित थी।
(C) ये केवल धार्मिक कर वसूलने के साधन थे।
(D) इनका भूमि-राजस्व प्रशासन से कोई संबंध नहीं था।
प्रश्न 14. (अभिकथन-कारण प्रश्न — मुगल साम्राज्य)
अभिकथन (A): औरंगजेब के शासनकाल में मुगल साम्राज्य का भौगोलिक विस्तार व्यापक हुआ।
कारण (R): दक्कन में लंबे सैन्य अभियानों ने मुगल प्रशासन और संसाधनों पर पर्याप्त दबाव भी उत्पन्न किया।
(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।
प्रश्न 15. (मराठा राजनीतिक इतिहास — कथन-आधारित प्रश्न)
शिवाजी और मराठा राज्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में रायगढ़ में हुआ।
मराठा राज्य के निर्माण में दुर्गों और स्थानीय सैन्य संगठन की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।
शिवाजी ने स्वराज्य की अवधारणा को अपने राजनीतिक कार्यक्रम का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
शिवाजी का राज्याभिषेक 1526 ई. में पानीपत में हुआ।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 16. (अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न — राजनीतिक वैधता)
एक मध्यकालीन शासक नए क्षेत्र पर अधिकार स्थापित करने के बाद सिक्के जारी करता है, अपनी उपाधियाँ प्रचारित करता है और स्थानीय अभिजात वर्ग को प्रशासन में शामिल करता है।
इन कार्यों का सबसे उपयुक्त राजनीतिक विश्लेषण क्या होगा?
(A) शासक केवल धार्मिक अनुष्ठान करना चाहता है।
(B) शासक राजनीतिक वैधता स्थापित करने, सत्ता प्रदर्शित करने और स्थानीय सहयोग प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है।
(C) शासक प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है।
(D) इन कार्यों का राजनीतिक नियंत्रण से कोई संबंध नहीं है।
प्रश्न 17. (केस स्टडी — स्रोतों की आलोचनात्मक व्याख्या)
एक शोधकर्ता को किसी मध्यकालीन फारसी इतिहास-ग्रंथ में शासक की सैन्य विजय का विवरण मिलता है। उसी घटना से संबंधित एक अभिलेख में कुछ अलग जानकारी मिलती है।
शोधकर्ता के लिए सबसे उपयुक्त तरीका कौन-सा होगा?
(A) केवल दरबारी ग्रंथ को स्वीकार करना।
(B) केवल अभिलेख को स्वीकार करके अन्य स्रोतों को अनुपयोगी मान लेना।
(C) दोनों स्रोतों की उत्पत्ति, उद्देश्य, तिथि और संदर्भ की जाँच करके उनके अंतर का आलोचनात्मक विश्लेषण करना।
(D) दोनों स्रोतों को बिना पढ़े अस्वीकार कर देना।
प्रश्न 18. (क्षेत्रीय राज्य — अवधारणात्मक प्रश्न)
मध्यकालीन भारत में क्षेत्रीय राज्यों के उदय को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त है?
(A) सभी क्षेत्रीय राज्य एक ही समय और एक ही कारण से अस्तित्व में आए।
(B) क्षेत्रीय राज्यों का उदय केवल धार्मिक कारणों से हुआ।
(C) केंद्रीय सत्ता की कमजोरी, प्रांतीय अभिजात वर्ग की महत्त्वाकांक्षा, स्थानीय संसाधनों और क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों की भूमिका का संयुक्त अध्ययन करना।
(D) क्षेत्रीय राज्यों का मध्यकालीन राजनीति से कोई संबंध नहीं था।
प्रश्न 19. (सुमेलित युग्म — राजनीतिक केंद्र)
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।
सूची-I — राजनीतिक सत्ता या राज्य
a. मुगल साम्राज्य
b. विजयनगर साम्राज्य
c. बहमनी राज्य
d. मराठा राज्य के इतिहास में शिवाजी का राज्याभिषेक
सूची-II — संबंधित केंद्र
रायगढ़
आगरा
गुलबर्गा
हम्पी
सही कूट चुनिए:
(A) a-2, b-4, c-3, d-1
(B) a-4, b-2, c-1, d-3
(C) a-3, b-1, c-2, d-4
(D) a-1, b-3, c-4, d-2
प्रश्न 20. (समेकित अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न)
एक इतिहासकार यह जाँचना चाहता है कि मध्यकालीन भारतीय साम्राज्यों में राजनीतिक सत्ता किस प्रकार सैन्य शक्ति, राजस्व व्यवस्था, प्रशासनिक संस्थाओं और स्थानीय अभिजात वर्ग के सहयोग पर आधारित थी।
इस उद्देश्य के लिए सबसे उपयुक्त शोध-पद्धति कौन-सी होगी?
(A) केवल शासकों की जन्मतिथियों की सूची तैयार करना।
(B) केवल युद्धों में प्रयुक्त हथियारों का वर्णन करना।
(C) केवल धार्मिक स्थापत्य का अध्ययन करना।
(D) विभिन्न साम्राज्यों की प्रशासनिक संस्थाओं, राजस्व प्रणालियों, सैन्य संगठन और केंद्र-क्षेत्र संबंधों का तुलनात्मक अध्ययन करना।
उत्तरमाला एवं व्याख्या (Answer Key with Explanations)
प्रश्न 1 — (B)
चहलगानी का संबंध इल्तुतमिश द्वारा संगठित प्रभावशाली तुर्क अमीरों के समूह से था। समय के साथ इस समूह का राजनीतिक प्रभाव सल्तनत के उत्तराधिकार और सत्ता-संघर्षों में महत्त्वपूर्ण बना।
प्रश्न 2 — (C)
बलबन ने राजसत्ता की प्रतिष्ठा, दरबारी अनुशासन और शक्तिशाली अमीरों पर नियंत्रण पर बल दिया। मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने 1526 ई. में की थी, इसलिए कथन 4 गलत है।
प्रश्न 3 — (A)
अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियंत्रण नीति का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और बड़ी सेना के रखरखाव की लागत को कम रखने में सहायता प्राप्त करना था।
प्रश्न 4 — (A)
इल्तुतमिश — चहलगानी; बलबन — राजसत्ता की प्रतिष्ठा और कठोर अनुशासन; अलाउद्दीन खिलजी — बाजार नियंत्रण; मुहम्मद बिन तुगलक — सांकेतिक मुद्रा।
प्रश्न 5 — (A)
सही कालक्रम है: तराइन का द्वितीय युद्ध (1192), दिल्ली सल्तनत की स्थापना (1206), खिलजी वंश की स्थापना (1290) और तुगलक वंश की स्थापना (1320)।
प्रश्न 6 — (B)
मुहम्मद बिन तुगलक की सांकेतिक मुद्रा योजना में नकली सिक्कों पर प्रभावी नियंत्रण की कठिनाई एक प्रमुख समस्या थी। यह उदाहरण मुद्रा-सुधार में निगरानी और जनता के विश्वास के महत्त्व को दर्शाता है।
प्रश्न 7 — (C)
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना परंपरागत रूप से हरिहर और बुक्का से संबंधित है। कृष्णदेव राय तुलुव वंश के प्रमुख शासक थे और अमरनायक व्यवस्था में राजस्व तथा सैन्य दायित्व महत्त्वपूर्ण थे। तालीकोटा का युद्ध 1565 ई. में हुआ था।
प्रश्न 8 — (A)
विजयनगर की राजनीतिक शक्ति कृषि संसाधनों, सैन्य संगठन, क्षेत्रीय प्रशासन और स्थानीय शक्तियों के साथ संबंधों पर भी आधारित थी। इसलिए साम्राज्य का अध्ययन केवल राजधानी के इतिहास तक सीमित नहीं होना चाहिए।
प्रश्न 9 — (A)
बाबर — बाबरनामा; अकबर — आइन-ए-अकबरी के शासनकाल से संबंधित विषय; अबुल फजल — अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी; गुलबदन बेगम — हुमायूँनामा। प्रश्न में अकबर को आइन-ए-अकबरी से जोड़ना उसके शासनकाल और ग्रंथ के विषय-संबंध के आधार पर है, जबकि ग्रंथ के लेखक अबुल फजल थे।
प्रश्न 10 — (B)
मनसबदारी व्यवस्था ने मुगल अधिकारियों की पद-स्थिति, वेतन और सैन्य दायित्वों को व्यवस्थित किया। यह केंद्रीय सत्ता और सैन्य-प्रशासनिक तंत्र के बीच संबंध स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण माध्यम थी।
प्रश्न 11 — (C)
मुगल उत्तराधिकार में ज्येष्ठाधिकार का कोई स्थायी, सर्वमान्य नियम प्रभावी रूप से स्थापित नहीं था। इस कारण उत्तराधिकार संघर्ष होते थे, जो साम्राज्य की स्थिरता और संसाधनों को प्रभावित कर सकते थे।
प्रश्न 12 — (A)
पानीपत का प्रथम युद्ध (1526), खानवा का युद्ध (1527), चौसा का युद्ध (1539) और पानीपत का द्वितीय युद्ध (1556) सही कालक्रम है।
प्रश्न 13 — (B)
पट्टा भूमि और निर्धारित राजस्व से संबंधित विवरण देता था, जबकि कबूलियत कृषक की स्वीकृति से संबंधित थी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भूमि-राजस्व प्रशासन को अधिक व्यवस्थित बनाना था।
प्रश्न 14 — (B)
औरंगजेब के शासनकाल में मुगल साम्राज्य का भौगोलिक विस्तार व्यापक हुआ। दक्कन के लंबे अभियानों ने संसाधनों और प्रशासन पर दबाव डाला, लेकिन यह दबाव साम्राज्य के विस्तार की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं है। इसलिए दोनों कथन सही हैं, पर कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 15 — (C)
शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में रायगढ़ में हुआ। दुर्ग, स्थानीय सैन्य संगठन और स्वराज्य की अवधारणा मराठा राज्य के निर्माण में महत्त्वपूर्ण थे।
प्रश्न 16 — (B)
सिक्के जारी करना, उपाधियाँ प्रचारित करना और स्थानीय अभिजात वर्ग को प्रशासन में शामिल करना राजनीतिक वैधता, सत्ता के प्रदर्शन और क्षेत्रीय सहयोग प्राप्त करने के साधन हो सकते थे।
प्रश्न 17 — (C)
इतिहासकार को विभिन्न स्रोतों की उत्पत्ति, तिथि, उद्देश्य और संदर्भ की जाँच करनी चाहिए। स्रोतों के बीच अंतर होने पर उन्हें आलोचनात्मक ढंग से परखना ऐतिहासिक पद्धति का महत्त्वपूर्ण अंग है।
प्रश्न 18 — (C)
क्षेत्रीय राज्यों के उदय को समझने के लिए केंद्रीय सत्ता की स्थिति, स्थानीय संसाधनों, प्रांतीय अभिजात वर्ग और क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों का संयुक्त अध्ययन आवश्यक है।
प्रश्न 19 — (A)
मुगल सत्ता के प्रमुख केंद्रों में आगरा शामिल था; विजयनगर का प्रमुख केंद्र हम्पी था; बहमनी राज्य की प्रारंभिक राजधानी गुलबर्गा थी; शिवाजी का राज्याभिषेक रायगढ़ में हुआ था।
प्रश्न 20 — (D)
तुलनात्मक अध्ययन से यह समझने में सहायता मिलती है कि मध्यकालीन राज्यों ने राजस्व, सैन्य शक्ति, प्रशासनिक संस्थाओं और स्थानीय अभिजात वर्ग के सहयोग के माध्यम से सत्ता को किस प्रकार संगठित किया।
मॉक टेस्ट 4 — स्व-मूल्यांकन
36–40 अंक: उत्कृष्ट तैयारी। अब जटिल कथन-आधारित और स्रोत-विश्लेषण प्रश्नों पर ध्यान दें।
30–34 अंक: अच्छी तैयारी। प्रशासनिक संस्थाओं, युद्धों और क्षेत्रीय राज्यों का पुनरावर्तन करें।
22–28 अंक: प्रमुख शासकों, कालक्रम और राजनीतिक संस्थाओं का पुनः अध्ययन करें।
20 से कम अंक: पहले मूल पाठ्यक्रम का पुनरावर्तन करें और फिर मॉक टेस्ट दोबारा हल करें।
दिसंबर 2026 परीक्षा के लिए पुनरावर्तन के प्रमुख विषय
इल्तुतमिश, चहलगानी और बलबन की राजसत्ता संबंधी नीतियाँ।
अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियंत्रण नीति।
मुहम्मद बिन तुगलक की प्रशासनिक योजनाएँ।
विजयनगर की अमरनायक व्यवस्था और तालीकोटा का युद्ध।
मुगल मनसबदारी, उत्तराधिकार संघर्ष और राजनीतिक वैधता।
शेरशाह सूरी की राजस्व व्यवस्था।
मराठा राज्य का उदय और मध्यकालीन स्रोतों की आलोचनात्मक व्याख्या।
मॉक टेस्ट 4 समाप्त।

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