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UGC NET December 2026 | History Paper-II | Mock Test–32 | PYQs MCQs

  

UGC NET December 2026

History Paper-II | इकाई 4 — मध्यकालीन भारत: राजनीतिक इतिहास

मॉक टेस्ट 32 (Mock Test 3
2)

कुल प्रश्न: 20 | कुल अंक: 40 | प्रत्येक प्रश्न: 2 अंक


सामान्य निर्देश

  1. इस प्रश्नपत्र में कुल 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल हैं।

  2. प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प (A), (B), (C) और (D) दिए गए हैं। केवल एक विकल्प सही है।

  3. प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक निर्धारित हैं। अभ्यास के लिए नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया है।

  4. पहले सभी प्रश्न हल करें और अंत में दी गई उत्तरमाला से अपने उत्तरों का मिलान करें।

  5. प्रश्नों में तथ्यात्मक, अवधारणात्मक, कथन-आधारित, अभिकथन-कारण, सुमेलित युग्म, कालक्रम, केस स्टडी तथा अनुप्रयोग-आधारित प्रारूप शामिल हैं।

  6. प्रश्नों का चयन UGC NET History Paper-II की प्रचलित परीक्षा-शैली, महत्त्वपूर्ण PYQ विषयों और दिसंबर 2026 की तैयारी के लिए संभावित अवधारणाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।

नोट: यह अभ्यास प्रश्नपत्र है, आधिकारिक NTA प्रश्नपत्र नहीं। संभावित प्रश्नों को वास्तविक परीक्षा में आने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।


प्रश्न 1. (अवधारणात्मक प्रश्न)

दिल्ली सल्तनत में इल्तुतमिश द्वारा चाँदी के टंका और ताँबे के जीतल को व्यवस्थित मुद्रा-प्रणाली के रूप में प्रचलित करने का प्रमुख ऐतिहासिक महत्त्व क्या था?

(A) इससे भारत में पहली बार वस्तु-विनिमय समाप्त हुआ।
(B) इससे सल्तनत की मौद्रिक व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता को सुदृढ़ता मिली।
(C) इससे सभी विदेशी मुद्राओं का तत्काल प्रचलन समाप्त हो गया।
(D) इससे दिल्ली सल्तनत में कागजी मुद्रा का प्रचलन आरंभ हुआ।

प्रश्न 2. (कथन-आधारित प्रश्न)

दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इक्ता व्यवस्था के अंतर्गत अधिकारियों को राजस्व प्राप्त करने के अधिकार दिए जा सकते थे।

  2. इक्तादारों को सामान्यतः प्रशासनिक और सैन्य दायित्व भी निभाने पड़ते थे।

  3. इक्ता का अर्थ हमेशा वंशानुगत निजी भूमि-स्वामित्व था।

  4. केंद्रीय सत्ता इक्तादारों पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास करती थी।

सही उत्तर चुनिए:

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1, 2 और 4
(D) 1, 2, 3 और 4

प्रश्न 3. (अभिकथन-कारण प्रश्न)

अभिकथन (A): बलबन ने दिल्ली सल्तनत में राजसत्ता की प्रतिष्ठा बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

कारण (R): उसने दरबार में कठोर अनुशासन, सुल्तान की सर्वोच्चता और शक्तिशाली अमीरों पर नियंत्रण की नीति अपनाई।

(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।

प्रश्न 4. (सुमेलित युग्म)

सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।

सूची-I — शासक

a. इल्तुतमिश
b. अलाउद्दीन खिलजी
c. मुहम्मद बिन तुगलक
d. फिरोज शाह तुगलक

सूची-II — संबंधित विशेषता

  1. सांकेतिक मुद्रा का प्रयोग

  2. बाजार नियंत्रण

  3. खलीफा से मान्यता प्राप्त करना

  4. नहरों एवं सार्वजनिक निर्माण को प्रोत्साहन

सही कूट चुनिए:

(A) a-3, b-2, c-1, d-4
(B) a-2, b-3, c-4, d-1
(C) a-1, b-4, c-2, d-3
(D) a-4, b-1, c-3, d-2

प्रश्न 5. (PYQ-प्रवृत्ति आधारित प्रश्न)

अलाउद्दीन खिलजी की दक्षिण भारत संबंधी सैन्य नीति के संदर्भ में मलिक काफूर की भूमिका क्या थी?

(A) उसने बंगाल में स्वतंत्र सल्तनत स्थापित की।
(B) उसने दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के विरुद्ध अभियानों का नेतृत्व किया।
(C) उसने विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की।
(D) उसने मुगल साम्राज्य के विरुद्ध युद्ध किया।

प्रश्न 6. (कालक्रम-आधारित प्रश्न)

निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

  1. कुतुबुद्दीन ऐबक का शासन आरंभ

  2. इल्तुतमिश का शासन आरंभ

  3. रजिया का शासन आरंभ

  4. बलबन का शासन आरंभ

सही विकल्प चुनिए:

(A) 1, 2, 3, 4
(B) 2, 1, 4, 3
(C) 3, 2, 1, 4
(D) 1, 3, 2, 4

प्रश्न 7. (अवधारणात्मक प्रश्न)

विजयनगर साम्राज्य की अमरनायक व्यवस्था को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

(A) इसमें सभी सैन्य अधिकारियों को केवल नकद वेतन दिया जाता था और भूमि से कोई संबंध नहीं था।
(B) इसमें अमरनायक सैन्य दायित्वों के साथ निर्धारित क्षेत्रों से राजस्व प्राप्त करते थे और शासक के प्रति दायित्व निभाते थे।
(C) इसमें सभी स्थानीय शासकों को पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त थी।
(D) इसमें कृषि भूमि का उपयोग पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था।

प्रश्न 8. (अभिकथन-कारण प्रश्न)

अभिकथन (A): 1565 ई. का तालीकोटा युद्ध विजयनगर साम्राज्य के इतिहास में निर्णायक महत्त्व रखता है।

कारण (R): इस युद्ध में दक्कन की सल्तनतों के गठबंधन ने विजयनगर की सेना को पराजित किया और राजधानी को गंभीर क्षति पहुँची।

(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।

प्रश्न 9. (कथन-आधारित प्रश्न)

बहमनी राज्य के इतिहास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. बहमनी राज्य की स्थापना 1347 ई. में हुई।

  2. अलाउद्दीन हसन बहमन शाह को इसका संस्थापक माना जाता है।

  3. गुलबर्गा बहमनी राज्य की प्रारंभिक राजधानी थी।

  4. बहमनी राज्य की स्थापना के समय उसकी राजधानी आगरा थी।

सही उत्तर चुनिए:

(A) केवल 1 और 4
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4

प्रश्न 10. (मुगल प्रशासन — अवधारणात्मक प्रश्न)

अकबर की मनसबदारी व्यवस्था में ‘जात’ और ‘सवार’ के बीच मुख्य अंतर क्या था?

(A) जात धार्मिक पद को और सवार न्यायिक पद को दर्शाता था।
(B) जात मनसबदार की व्यक्तिगत पद-स्थिति को तथा सवार उससे संबंधित घुड़सवारों की निर्धारित संख्या को दर्शाता था।
(C) जात भूमि की उपज और सवार व्यापारिक कर को दर्शाता था।
(D) दोनों शब्द केवल धार्मिक उपाधियों के लिए प्रयुक्त होते थे।

प्रश्न 11. (सुमेलित युग्म)

सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।

सूची-I — ऐतिहासिक व्यक्तित्व

a. शेरशाह सूरी
b. अकबर
c. शाहजहाँ
d. औरंगजेब

सूची-II — संबंधित घटना या विशेषता

  1. दक्कन में लंबे सैन्य अभियान

  2. ग्रैंड ट्रंक रोड के विकास एवं सड़क-संचार व्यवस्था से संबंध

  3. मनसबदारी और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण

  4. ताजमहल का निर्माण उसके शासनकाल में

सही कूट चुनिए:

(A) a-2, b-3, c-4, d-1
(B) a-1, b-4, c-2, d-3
(C) a-3, b-1, c-4, d-2
(D) a-4, b-2, c-3, d-1

प्रश्न 12. (अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न)

एक इतिहासकार मुगल साम्राज्य में राजस्व वसूली, सैन्य सेवा और अधिकारियों की पद-स्थिति के बीच संबंध का अध्ययन करना चाहता है। उसके लिए निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था सबसे अधिक प्रासंगिक होगी?

(A) भक्ति आंदोलन
(B) मनसबदारी और जागीरदारी व्यवस्था
(C) सूफी खानकाह व्यवस्था
(D) मंदिर स्थापत्य व्यवस्था

प्रश्न 13. (राजनीतिक इतिहास — तथ्यात्मक प्रश्न)

पानीपत का द्वितीय युद्ध 1556 ई. में किनके बीच हुआ था?

(A) बाबर और इब्राहिम लोदी
(B) अकबर की ओर से बैरम खाँ के नेतृत्व वाली मुगल सेना और हेमू की सेना
(C) अकबर और राणा सांगा
(D) औरंगजेब और शिवाजी

प्रश्न 14. (कथन-आधारित प्रश्न)

मुगल साम्राज्य के पतन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. औरंगजेब की मृत्यु 1707 ई. में हुई।

  2. उत्तराधिकार के संघर्षों ने मुगल केंद्रीय सत्ता को प्रभावित किया।

  3. क्षेत्रीय शक्तियों का उदय मुगल राजनीतिक व्यवस्था के विघटन की एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया थी।

  4. मुगल साम्राज्य का पतन केवल एक ही युद्ध के कारण हुआ।

सही उत्तर चुनिए:

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4

प्रश्न 15. (सुमेलित युग्म — क्षेत्रीय राज्य)

सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।

सूची-I — राज्य

a. मेवाड़
b. मारवाड़
c. बंगाल सल्तनत
d. अहमदनगर

सूची-II — संबंधित क्षेत्र या केंद्र

  1. दक्कन

  2. राजस्थान का पश्चिमी भाग

  3. राजस्थान का दक्षिणी भाग

  4. पूर्वी भारत

सही कूट चुनिए:

(A) a-3, b-2, c-4, d-1
(B) a-2, b-3, c-1, d-4
(C) a-1, b-4, c-3, d-2
(D) a-4, b-1, c-2, d-3

प्रश्न 16. (अभिकथन-कारण प्रश्न)

अभिकथन (A): शेरशाह सूरी की प्रशासनिक व्यवस्था का अध्ययन मुगल प्रशासन को समझने में भी उपयोगी है।

कारण (R): भूमि-राजस्व, सड़क-संचार और प्रशासनिक नियंत्रण से संबंधित उसकी व्यवस्थाओं के कुछ पहलुओं को बाद के शासकों ने अपनाया या विकसित किया।

(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) A गलत है, लेकिन R सही है।

प्रश्न 17. (केस स्टडी आधारित प्रश्न)

एक शोधकर्ता को किसी मध्यकालीन दरबारी इतिहास-ग्रंथ में शासक की विजयों का विस्तृत वर्णन मिलता है। वह यह भी पाता है कि लेखक शासक के संरक्षण में कार्य करता था। शोधकर्ता को इस स्रोत का उपयोग किस प्रकार करना चाहिए?

(A) दरबारी ग्रंथ होने के कारण उसे पूरी तरह अस्वीकार कर देना चाहिए।
(B) उसमें वर्णित प्रत्येक घटना को बिना जाँच के तथ्य मान लेना चाहिए।
(C) लेखक के संरक्षण-संबंध, उद्देश्य और संभावित पक्षपात का मूल्यांकन करके अन्य स्रोतों से तुलना करनी चाहिए।
(D) केवल ग्रंथ की भाषा के आधार पर सभी ऐतिहासिक निष्कर्ष निकालने चाहिए।

प्रश्न 18. (राजनीतिक वैधता — अवधारणात्मक प्रश्न)

मध्यकालीन भारतीय शासकों द्वारा उपाधियों, सिक्कों, खुत्बे और सार्वजनिक निर्माण का उपयोग राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्त्वपूर्ण था?

(A) इनका राजनीति और शासन से कोई संबंध नहीं था।
(B) ये केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयोग किए जाते थे।
(C) ये शासकीय अधिकार, वैधता, प्रतिष्ठा और सत्ता के सार्वजनिक प्रदर्शन के साधन बन सकते थे।
(D) इनसे प्रशासनिक व्यवस्था समाप्त हो जाती थी।

प्रश्न 19. (मराठा राजनीतिक इतिहास)

शिवाजी के शासन और मराठा राज्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में हुआ।

  2. रायगढ़ उनके राज्याभिषेक से संबंधित प्रमुख केंद्र था।

  3. शिवाजी ने स्वराज्य की अवधारणा को अपने राजनीतिक कार्यक्रम का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

  4. शिवाजी का राज्याभिषेक 1707 ई. में हुआ।

सही उत्तर चुनिए:

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 4
(C) केवल 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4

प्रश्न 20. (समेकित अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न)

एक शोधकर्ता दिल्ली सल्तनत, विजयनगर और मुगल साम्राज्य की तुलना करके यह समझना चाहता है कि विभिन्न राज्यों ने स्थानीय अभिजात वर्ग, सैन्य अधिकारियों और राजस्व संसाधनों को अपने नियंत्रण में रखने के लिए किस प्रकार की व्यवस्थाएँ विकसित कीं।

इस शोध के लिए सबसे उपयुक्त पद्धति कौन-सी होगी?

(A) केवल शासकों की जन्मतिथियों की सूची बनाना
(B) केवल धार्मिक साहित्य का अनुवाद करना
(C) केवल युद्धों के नाम याद करना
(D) प्रशासनिक संस्थाओं, राजस्व प्रणालियों, सैन्य दायित्वों और केंद्र-क्षेत्र संबंधों का तुलनात्मक अध्ययन करना


उत्तरमाला एवं व्याख्या (Answer Key with Explanations)

प्रश्न 1 — (B)
इल्तुतमिश ने चाँदी के टंका और ताँबे के जीतल के माध्यम से सल्तनत की मुद्रा-व्यवस्था को सुदृढ़ किया। इससे राजनीतिक सत्ता और आर्थिक लेन-देन को स्थिरता प्रदान करने में सहायता मिली।

प्रश्न 2 — (C)
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। इक्ता राजस्व प्राप्ति और प्रशासनिक-सैन्य दायित्वों से संबंधित व्यवस्था थी। इसे हमेशा वंशानुगत निजी भूमि-स्वामित्व मानना गलत है।

प्रश्न 3 — (A)
बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा और सर्वोच्चता पर बल दिया। दरबारी अनुशासन तथा शक्तिशाली अमीरों पर नियंत्रण उसकी राजसत्ता-सुदृढ़ीकरण नीति के महत्त्वपूर्ण पक्ष थे।

प्रश्न 4 — (A)
इल्तुतमिश — खलीफा से मान्यता; अलाउद्दीन खिलजी — बाजार नियंत्रण; मुहम्मद बिन तुगलक — सांकेतिक मुद्रा; फिरोज शाह तुगलक — नहरें एवं सार्वजनिक निर्माण।

प्रश्न 5 — (B)
मलिक काफूर ने अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में दक्षिण भारत के विरुद्ध कई अभियानों का नेतृत्व किया। इन अभियानों का उद्देश्य राजनीतिक अधीनता, धन-संपत्ति और साम्राज्य के प्रभाव का विस्तार था।

प्रश्न 6 — (A)
सही कालक्रम है: कुतुबुद्दीन ऐबक (1206), इल्तुतमिश (1211), रजिया (1236) और बलबन (1266)। ये शासनारंभ की प्रचलित ऐतिहासिक तिथियाँ हैं।

प्रश्न 7 — (B)
अमरनायक व्यवस्था में सैन्य अधिकारियों को राजस्व-संबंधी अधिकारों के साथ सैन्य दायित्व निभाने होते थे। यह विजयनगर की सैन्य और प्रशासनिक संरचना का महत्त्वपूर्ण अंग थी।

प्रश्न 8 — (A)
तालीकोटा का युद्ध 1565 ई. में हुआ। दक्कन की सल्तनतों के गठबंधन की विजय और विजयनगर की राजधानी को हुई क्षति ने साम्राज्य की राजनीतिक शक्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया। हालांकि, विजयनगर की राजनीतिक परंपरा तत्काल समाप्त नहीं हुई।

प्रश्न 9 — (C)
बहमनी राज्य की स्थापना 1347 ई. में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने की थी। गुलबर्गा इसकी प्रारंभिक राजधानी थी। आगरा इसकी स्थापना के समय राजधानी नहीं थी।

प्रश्न 10 — (B)
मनसबदारी व्यवस्था में ‘जात’ मनसबदार की व्यक्तिगत पद-स्थिति और वेतन-स्तर से संबंधित था, जबकि ‘सवार’ उसके अधीन रखे जाने वाले घुड़सवारों की निर्धारित संख्या से जुड़ा था। व्यवहार में इनके नियम समय के साथ विकसित हुए।

प्रश्न 11 — (A)
शेरशाह सूरी — सड़क-संचार व्यवस्था; अकबर — मनसबदारी और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण; शाहजहाँ — ताजमहल; औरंगजेब — दक्कन के लंबे सैन्य अभियान।

प्रश्न 12 — (B)
मनसबदारी और जागीरदारी व्यवस्था के अध्ययन से मुगल अधिकारियों की पद-स्थिति, सैन्य दायित्व, वेतन और राजस्व-संसाधनों के बीच संबंध समझे जा सकते हैं।

प्रश्न 13 — (B)
पानीपत का द्वितीय युद्ध 1556 ई. में हुआ। मुगल पक्ष की सेना का नेतृत्व बैरम खाँ ने किया, जबकि हेमू ने विरोधी सेना का नेतृत्व किया। इस विजय ने उत्तर भारत में मुगल सत्ता को पुनः स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 14 — (C)
औरंगजेब की मृत्यु 1707 ई. में हुई। उत्तराधिकार संघर्ष, क्षेत्रीय शक्तियों का उदय, प्रशासनिक चुनौतियाँ और आर्थिक-सैन्य दबाव मुगल साम्राज्य के कमजोर होने की व्यापक प्रक्रिया के अंग थे। पतन को किसी एक युद्ध का परिणाम मानना उचित नहीं है।

प्रश्न 15 — (A)
मेवाड़ — राजस्थान का दक्षिणी भाग; मारवाड़ — राजस्थान का पश्चिमी भाग; बंगाल सल्तनत — पूर्वी भारत; अहमदनगर — दक्कन।

प्रश्न 16 — (A)
शेरशाह सूरी की राजस्व, सड़क-संचार और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन बाद की मुगल प्रशासनिक नीतियों के विकास को समझने में उपयोगी है। हालांकि, सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह समान या सीधे उसी से उत्पन्न मानना उचित नहीं होगा।

प्रश्न 17 — (C)
इतिहासकार को स्रोत के लेखक, संरक्षणदाता, उद्देश्य, भाषा और संभावित पक्षपात का विश्लेषण करना चाहिए। अभिलेखों, सिक्कों, अन्य साहित्यिक स्रोतों और पुरातात्त्विक प्रमाणों से तुलना करने पर निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय बनते हैं।

प्रश्न 18 — (C)
उपाधियाँ, सिक्के, खुत्बा और सार्वजनिक निर्माण राजनीतिक वैधता तथा प्रतिष्ठा प्रदर्शित करने के साधन थे। इनके माध्यम से शासक अपनी सत्ता और शासन-संबंधी दावों को सार्वजनिक रूप दे सकते थे।

प्रश्न 19 — (C)
शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में रायगढ़ में हुआ। स्वराज्य की स्थापना और राजनीतिक स्वतंत्रता मराठा राज्य के इतिहास के महत्त्वपूर्ण पक्ष थे।

प्रश्न 20 — (D)
तुलनात्मक संस्थागत अध्ययन से विभिन्न साम्राज्यों की राजस्व प्रणालियों, सैन्य दायित्वों, स्थानीय अभिजात वर्ग के साथ संबंधों और केंद्रीय सत्ता की कार्यप्रणाली को समझा जा सकता है।


मॉक टेस्ट 2 — स्व-मूल्यांकन

  • 36–40 अंक: उत्कृष्ट तैयारी; कठिन अवधारणात्मक और स्रोत-आधारित प्रश्नों का अभ्यास जारी रखें।

  • 30–34 अंक: अच्छी तैयारी; कालक्रम और प्रशासनिक संस्थाओं का पुनरावर्तन करें।

  • 22–28 अंक: प्रमुख शासकों, क्षेत्रीय राज्यों और राजस्व व्यवस्थाओं का पुनः अध्ययन करें।

  • 20 से कम अंक: पाठ्यक्रम की मूल अवधारणाओं से शुरुआत करके दोबारा टेस्ट हल करें।

अगले अभ्यास के लिए प्रमुख विषय: दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक संस्थाएँ, दक्कन की सल्तनतें, विजयनगर की अमरनायक व्यवस्था, मुगल मनसबदारी-जागीरदारी, मराठा राज्य और मध्यकालीन स्रोतों की आलोचनात्मक व्याख्या।

मॉक टेस्ट 2 समाप्त।

प्रश्नों में कठिनाई संतुलित करेंदोहराए गए पैटर्न कम करेंउत्तरमाला अलग और संक्षिप्त करें
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