Impact Factor की सच्चाई...???
1. Impact Factor क्या होता है?
Impact Factor (IF) किसी जर्नल की अकादमिक गुणवत्ता और उसके लेखों के citation (उद्धरण) के आधार पर निकाला जाने वाला एक सूचकांक है।
सरल शब्दों में:
किसी जर्नल के लेखों को दूसरे शोध-पत्रों में जितनी बार उद्धृत (cite) किया जाता है, उसी के आधार पर उसका Impact Factor तय होता है।
सबसे प्रसिद्ध और मान्य Impact Factor Clarivate Analytics (Web of Science) देता है, जिसे Journal Impact Factor (JIF) कहा जाता है।
2. आधिकारिक (मान्य) Impact Factor
विश्व स्तर पर मुख्यतः ये मान्य माने जाते हैं:
Clarivate Journal Impact Factor (JIF) – Web of Science
Scimago Journal Rank (SJR) – Scopus आधारित
Scopus CiteScore
ये तीनों विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं।
3. निजी एजेंसियों के Impact Factor
भारत में कई जर्नल निम्न एजेंसियों के Impact Factor लिखते हैं:
Cosmos Impact Factor
SJIF (Scientific Journal Impact Factor)
GIF (Global Impact Factor)
CiteFactor
ISI (International Scientific Indexing)
DRJI
ESJI
इनकी समस्या यह है कि:
इनका अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मानक नहीं है
कई एजेंसियाँ पैसे लेकर Impact Factor देती हैं
इसलिए विश्वविद्यालय और UGC इन्हें बहुत महत्व नहीं देते
इसी कारण इन्हें “Private / Promotional Impact Factor” कहा जाता है।
4. समर्थ (Samarth) पोर्टल में Impact Factor की भूमिका
समर्थ पोर्टल में API स्कोर / अकादमिक अंक मुख्यतः इन चीजों के आधार पर मिलते हैं:
जर्नल की श्रेणी
UGC-CARE Journal
Scopus Indexed
Web of Science Indexed
Peer Reviewed Journal
लेख का प्रकार
Research Article
Book Chapter
Book
Publisher / Indexing
👉 यहाँ Impact Factor देखकर अंक नहीं दिए जाते।
उदाहरण:
| जर्नल प्रकार | सामान्य अंक |
|---|---|
| Web of Science | अधिक अंक |
| Scopus | अधिक अंक |
| UGC-CARE | अच्छे अंक |
| Peer Reviewed | लगभग 10–15 अंक |
इसलिए अगर उत्तरवार्ता में प्रकाशित लेख पर 15 अंक मिल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उसे Peer-Reviewed Journal Article माना गया है।


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