अमेरिका की लड़कियां कैसी होती हैं? -स्वामी विवेकानंद
इस देश जैसी महिलाएं दुनिया भर में नहीं हैं। ये कैसी पवित्र, स्वावलंबी और दयालु हैं। महिलाएं यहां सब कुछ हैं। शिक्षा, संस्कृति- सब उन्हीं में घनीभूत हैं।
जैसी
सफेद यहां की बर्फ है, वैसे ही शुद्ध मनवाली यहां हजारों नारियां हैं।
देवी डायना
के मंदिर पर पड़ने वाली तुषार-कणिकाओं जैसी पवित्र कितनी ही पुत्रियां तथा पवित्र
कन्याएं मैंने यहाँ देखी हैं- फिर उनमें वैसी ही शिक्षा, संस्कृति और वैसे ही
सर्वोच्च कोटि की आध्यात्मिकता भी है।
अमेरिका
की आधुनिक महिलाओं के विशाल और उदार मन की में प्रशंसा करता हूं।
अमेरिकी महिलाओ! मैं 100 जन्मों में भी तुम से उऋण नहीं हो सकूंगा। मेरे पास तुम्हारे प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए भाषा नहीं है।
अमेरिकी महिलाओ! मैं 100 जन्मों में भी तुम से उऋण नहीं हो सकूंगा। मेरे पास तुम्हारे प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए भाषा नहीं है।
-स्वामी विवेकानंद, मेरी जीवनकथा, पृष्ठ संख्या : 105-107





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