कामिनी हो गयीं डॉ कामिनी, मिली पीएचडी की उपाधि
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से संबद्ध श्री जयनारायण पी.जी.कॉलेज, लखनऊ के हिंदी विभाग की शोध छात्रा कामिनी को 19 अक्टूबर 2022 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। प्रो नलिन रंजन सिंह के निर्देशन में कामिनी ने "हिंदी के प्रमुख मुस्लिम उपन्यासकारों के उपन्यासों का समाजशास्त्रीय अध्ययन" विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रो दीपक त्यागी (दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय,गोरखपुर) वाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कामिनी से शोध विषय से संबंधित कई प्रश्न किए जिसका कामिनी ने तर्कपूर्ण ढंग से उत्तर दिया। जिसकी हिंदी विभाग में उपस्थित प्रो रश्मि कुमार, डॉ रीता चौधरी, प्रो रविकांत, प्रो पवन अग्रवाल, प्रो योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनिल त्रिपाठी इत्यादि विद्वानों ने भूरि-भूरि प्रसंशा की। मूलत: कामिनी का जन्म राजापुर, प्रयागराज में हुआ है। यदि उनके शिक्षा के संदर्भ में बात की जाये तो एमए, बीएड एवं नेट-जेआरएफ है। वर्तमान में आप इंटर कॉलेज में प्रशिक्षित स्नातक (हिंदी) पद पर कार्यरत है। कामिनी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने जीवन-साथी डॉ आशीष दीपांकर को दिया है। पहले पति और अब पत्नी इस तरह दोनों लोग को हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि मिली है। इस अवसर पर डॉ आशीष दीपांकर, डॉ रोहिताश कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ अनुराग वर्मा, प्रमोद कुमार, आलोक कुमार, देवांक कुमार सिंह, आदित्य आर्य इत्यादि उपस्थित रहे। सभी का कामिनी ने आभार प्रकट किया है।



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