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आशीष कुमार 'दीपांकर' को मिली- पी-एच.डी. उपाधि



छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के हिंदी विषय के शोध छात्र आशीष कुमार 'दीपांकर' को आज पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। आशीष कुमार 'दीपांकर' को यह उपाधि "हिंदी दलित आत्मकथाओं में प्रस्तुत व्यक्ति एवं समाज : एक अनुशीलन" विषय पर उत्कृष्ट शोध कार्य हेतु प्रदान की गई। डी.ए-वी. कॉलेज, कानपुर की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू दीक्षित के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। जिसकी प्रशंसा जेएनयू के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रामचंद्र सर ने की। एक्सपर्ट के रूप ने डॉ रामचंद्र सर ने शोध कार्य की गुणवत्ता परखी व शोध से सम्बंधित कई प्रश्न किये। जिसका उत्तर आशीष 'दीपांकर' ने एक्सपर्ट कमेटी के सम्मुख सहजतापूर्ण  दिए।




संतोषजनक उत्तरों की डॉ रामचंद्र सर ने भूरि-भूरि प्रसंशा की तथा शोध कार्य को दलित साहित्य की नई दिशा प्रदान करने में सहायक बताया। कोरोना प्रोटोकॉल के कारण गूगल मीट के माध्यम से सम्पन्न हुई मौखिकी में जेएनयू से प्रोफेसर रामचन्द्र के साथ कानपुर से शोध निदेशिका डॉ. रेनू दीक्षित के साथ पूर्व शोध निदेशिका डॉ. नीरू राजकुमारी, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. यतीन्द्र सिंह, उनकी जीवन साथी कामिनी, बड़े भाई अवनीश कुमार, प्रदीप कुमार, रोहिताश कुमार, पूनम, अरविन्द कुमार तथा इलाहाबाद, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी इत्यादि विश्वविद्यालयों के अनेक शोध सहपाठी सम्मिलित हुए।




मूल रूप से ग्राम-इकबालपुर, पोस्ट-हलधरपुर, जिला-मऊ के निवासी आशीष कुमार 'दीपांकर' की आरंभिक शिक्षा गृह जनपद में सम्पन्न हुई। तत्पश्चात उच्च शिक्षा हेतु बी.ए.व एम.ए. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.एड. व एम.फिल के साथ अनुवाद में पीजी डिप्लोमा, यूजीसी नेट(जेआरएफ) तथा वर्तमान में पीएचडी की उपाधि ग्रहण की। दो केंद्रीय व छह राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने वाले आशीष कुमार 'दीपांकर' ने पीएचडी कार्य से पूर्व चार पुस्तकों का लेखन व संपादक कार्य कर चुके हैं। दर्जनों शोध पत्रों का लेखन के साथ दलित साहित्य के कई उत्कृष्ट लेख विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।आधा दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं।बहुमुखी प्रतिभा के धनी आशीष कुमार 'दीपांकर' डॉ.अम्बेडकर को अपना आदर्श मानते है।उनके जीवन संघर्षों व सामाजिक कार्यों से प्रेरणा लेकर आशीष कुमार 'दीपांकर' जी भी समाज के उत्थान के लिए सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं तथा समाज के वंचित, शोषित जनों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत है।

रिपोर्ट : ज्ञान प्रकाश

फोटो : रोहिताश कुमार





















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