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मांझी राज्य सभा में जाएंगे या पुत्र विधान परिषद, अभी तय नहीं : बीरेन्‍द्र यादव

जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह की उपेक्षा का दंश झेल रहे पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी ने आखिरकार आज एनडीए को प्रणामकर लिया। एनडीए में अपनी उपेक्षा और अपमान का तथ्‍यवार विवरण वे कल देंगे। इसके साथ ही लालू यादव के नेतृत्‍व वाले महागठबंधन में शामिल होने की औपचारिक घोषणा करेंगे। हालांकि थोडी देर बाद शाम 8 बजे राजद विधायक दल के नेता तेजस्‍वी यादव व जीतनराम मांझी की संयुक्‍त प्रेस वार्ता होने की सूचना है।

नीतीश कुमार के भाजपा के साथ सरकार में लौटने के करीब 7 महीने बाद जीतन राम मांझी ने एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आने का फैसला किया है तो इसका भी सत्‍ता शास्‍त्रहै। मार्च में राज्‍य सभा की छह सीटों के लिए चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। यदि मतदान की नौबत आयी तो 23 मार्च को वोट डाले जाएंगे। विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी चुनाव मार्च या अप्रैल महीने में होना है। इसकी तिथि अभी तय नहीं है। परिषद के 11 सदस्‍यों का कार्यकाल 5 मई को समाप्‍त हो रहा है। 11 में से पांच सीट राजद और कांग्रेस के खाते में जाएगी।

Photo: PRD BIHAR
सूत्रों की मानें तो राज्‍यसभा या विधान परिषद की एक सीट देने का भरोसा राजद की ओर से जीतनराम मांझी को दिया गया है। लेकिन कौन सी सीट मिलेगी, अभी तय नहीं है। संभव है कि श्री मांझी की हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा (सेक्‍यूलर) को राजद में विलय का प्रस्‍ताव दिया जाए, जिसे वे स्‍वीकार कर लें। विधान सभा के स्‍तर पर विलय में कोई कानूनी बाधा भी नहीं है। श्री मांझी अपनी पार्टी के अकेले सदस्‍य हैं। जीतनराम मांझी खुद राज्‍यसभा में जाने को इच्‍छुक हैं। यदि यह संभव नहीं हुआ तो अपने पुत्र संतोष कुमार सुमन के लिए विधान परिषद में एक बर्थरिजर्व चाहते हैं। राजद नेतृत्‍व को भी मांझी की उम्‍मीदजायज लगती है। हालांकि श्री मांझी खुद राज्‍य सभा जाने की स्थिति में इमामगंज सीट के उपचुनाव में बेटे संतोष को टिकट चाहते हैं।
-बीरेन्‍द्र यादव





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